उत्तर प्रदेश में ज़मीन से जुड़े कामों के लिए ‘लेखपाल’ सबसे अहम अधिकारी होते हैं। ज़मीन की पैमाइश, रिपोर्ट लगवानी हो या कोई अन्य काम, लोग अक्सर इंटरनेट पर “All Lekhpal Contact Number UP” सर्च करते रहते हैं ताकि उन्हें अपने एरिया के लेखपाल का नंबर मिल जाए।
लेकिन दिक्कत यह है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने ऐसी कोई सिंगल सेंट्रलाइज्ड (Centralized) लिस्ट जारी नहीं की है जहाँ सभी लेखपालों के मोबाइल नंबर एक साथ एक ही जगह पर मिल जाएं।
तो फिर उपाय क्या है? घबराएं नहीं! सरकार ने हर जिले की अलग आधिकारिक वेबसाइट बनाई है, जहाँ से आप अपने इलाके के लेखपाल या राजस्व विभाग की जानकारी निकाल सकते हैं। अपने एरिया के लेखपाल का नंबर ढूंढने के 5 सबसे कारगर और आज़माए हुए तरीके नीचे दिए गए हैं, आइए एक-एक करके इन्हें जानते हैं…

क्यों नहीं है कोई सिंगल लिस्ट? हर जिले के लेखपाल राजस्व विभाग (Revenue Department) के अंतर्गत आते हैं और एनआईसी (NIC – National Informatics Centre) हर जिले की वेबसाइट को अलग से मैनेज करता है। गोरखपुर, गोंडा या लखनऊ जैसे कुछ जिले तो अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर “Lekhpal List” अपलोड कर देते हैं, लेकिन कई जिले ऐसा नहीं करते।
यही वजह है कि यूपी के सभी लेखपालों की एक कंबाइंड लिस्ट ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है। लेकिन घबराएं नहीं! अपने एरिया के लेखपाल का नंबर या जानकारी निकालने के 5 सबसे कारगर और आज़माए हुए तरीके नीचे दिए गए हैं:
Method 1 — अपने जिले की Official Website चेक करें
उत्तर प्रदेश के हर जिले की अपनी आधिकारिक वेबसाइट होती है। आप वहाँ जाकर लेखपालों की सूची ढूंढ सकते हैं।
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उदाहरण वेबसाइट्स:
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गोरखपुर: gorakhpur.nic.in
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लखनऊ: lucknow.nic.in
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गोंडा: gonda.nic.in
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स्टेप्स:
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अपने जिले की ऑफिशियल nic.in वेबसाइट खोलें।
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वेबसाइट के “Notices” या “सूचनाएं” सेक्शन में जाएं।
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“Lekhpal List” या “तहसील-वार लेखपाल सूची” ढूंढें।
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वहाँ से PDF डाउनलोड करें—इसमें तहसील, गाँव और लेखपाल का नाम मिल जाएगा। (ध्यान दें: प्राइवेसी या नीतियों के कारण कई जिले PDF में मोबाइल नंबर नहीं छापते, सिर्फ नाम देते हैं।)
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Method 2 — डेडीकेटेड लेखपाल डायरेक्टरी का इस्तेमाल करें (कुछ जिलों में उपलब्ध)
कुछ चुनिंदा जिलों (जैसे लखनऊ) में अपनी खुद की डेडीकेटेड लेखपाल डायरेक्टरी होती है। बड़े जिलों में यह सुविधा मिलने के चांस ज़्यादा होते हैं।
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स्टेप्स:
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संबंधित जिले के पोर्टल (जैसे lucknowbhulekh.in) पर जाएं।
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“Master Data” या “Lekhpal Directory” वाले विकल्प पर क्लिक करें।
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अपनी तहसील सेलेक्ट करें।
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आपको गाँव के हिसाब से (Village-wise) लेखपाल की मैपिंग मिल जाएगी।
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Method 3 — CUG नंबर के ज़रिए (SDM या Tehsildar से संपर्क करें)
अगर पहले दो तरीकों से लेखपाल का सीधा नंबर न मिले, तो आप SDM या Tehsildar के CUG (Closed User Group) नंबर का इस्तेमाल कर सकते हैं। वे आपको सही लेखपाल से जोड़ सकते हैं।
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कहाँ मिलेगा नंबर? CUG नंबर ज़्यादातर जिलों की वेबसाइट पर “Tehsil Telephone Directory” के अंदर मिल जाते हैं। (आपको बता दें कि यूपी सरकार के अधिकारियों के CUG नंबर आमतौर पर 9454xxxxxx से शुरू होते हैं)।
Method 4 — ग्राम प्रधान या तहसील से सीधे संपर्क करें
अगर ऑनलाइन आपको कोई जानकारी नहीं मिल रही है, तो ये सबसे भरोसेमंद और पारंपरिक तरीके हैं:
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ग्राम प्रधान से पूछें: ग्राम प्रधान और लेखपाल का रोज़ का काम होता है, इसलिए प्रधान के पास अक्सर आपके इलाके के लेखपाल का नंबर मिल जाएगा।
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तहसील के कंप्यूटर सेल में जाएं: अगर प्रधान से बात न बने, तो सीधे तहसील जाएं और वहाँ Computer Cell में जाकर कहें—“मुझे अपने गाँव के लेखपाल का नंबर चाहिए।”
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कानूनगो (Kanungo) से संपर्क करें: हर कानूनगो के अंडर 8 से 10 लेखपाल आते हैं, और उनके पास पूरी लिस्ट होती है।
Method 5 — तहसील दिवस पर सीधे मिलें
अगर आपको नंबर मिल ही नहीं रहा है, तो परेशान होने की कोई ज़रूरत नहीं है।
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सरकार द्वारा हर तहसील में महीने के कुछ दिन ‘तहसील दिवस’ (सम्पूर्ण समाधान दिवस) तय किए जाते हैं। इस दिन क्षेत्र के सभी लेखपाल और बड़े अधिकारी एक ही छत के नीचे मौजूद होते हैं।
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कब होता है? आप
tehsildivas.up.nic.inपर जाकर अपनी तहसील की तय तारीख देख सकते हैं। इस दिन आपको फोन नंबर की भी ज़रूरत नहीं पड़ती, आप सीधे लेखपाल से आमने-सामने मिलकर अपनी समस्या का समाधान पा सकते हैं।
एक कड़वी सच: लेखपाल का फोन नंबर न मिलने पर भी काम कैसे रुकेगा नहीं?
ज़्यादातर लोग यही सोचते हैं कि जब तक उनके पास अपने इलाके के लेखपाल का मोबाइल नंबर नहीं होगा, तब तक उनका ज़मीन से जुड़ा कोई काम नहीं हो सकता। अगर फोन नहीं लग रहा या नंबर मिल नहीं रहा, तो लोग परेशान होकर बैठ जाते हैं।
लेकिन असलियत इसके बिल्कुल उलट है!
ज़मीन के बड़े और कानूनी काम—जैसे खतौनी में नाम ठीक करवाना (Correction), नामांतरण (Mutation), या फसल की गिरदावरी—फोन पर बात करने से नहीं, बल्कि लिखित आवेदन (Written Application) से होते हैं।
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फोन कॉल की सीमा: लेखपाल के पास रोजाना दर्जनों फोन कॉल्स और WhatsApp मैसेज आते हैं, ऐसे में कई बार वे हर कॉल का जवाब नहीं दे पाते।
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लिखित आवेदन की ताकत: इसके विपरीत, एक लिखित एप्लीकेशन (दौरान-ए-तहसील या समाधान दिवस) को कानूनी रूप से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
💡 ज़मीन का सबसे बड़ा नियम (Golden Rule): नंबर मिले या न मिले, हमेशा तहसील में लिखित आवेदन दें और उसकी रसीद (Acknowledgment Slip) जरूर लें।
मोबाइल नंबर सिर्फ और सिर्फ ‘फॉलो-अप’ (Follow-up) लेने के लिए एक ज़रिया है, असली काम हमेशा पक्की कागजी कार्रवाई से ही होता है!
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) – उत्तर प्रदेश लेखपाल और संपर्क से जुड़े
Q. उत्तर प्रदेश में सभी लेखपालों की एक सिंगल (Centralized) लिस्ट कहाँ मिलेगी?
A. ऐसी कोई भी सिंगल सेंट्रलाइज्ड लिस्ट सरकार की तरफ से जारी नहीं की गई है। उत्तर प्रदेश का हर जिला अपनी आधिकारिक वेबसाइट ([district ka naam].nic.in) पर अपने यहाँ के लेखपालों की सूची अलग से अपलोड करता है (हालांकि सभी जिले ऐसा नहीं करते)।
Q. अपने एरिया के लेखपाल का मोबाइल नंबर कैसे निकालें?
A. लेखपाल का नंबर ढूंढने के कई तरीके हैं: आप अपने जिले की आधिकारिक वेबसाइट चेक कर सकते हैं, अपने गाँव के ग्राम प्रधान से पूछ सकते हैं, तहसील के कंप्यूटर सेल में संपर्क कर सकते हैं, या फिर तहसील दिवस के दिन सीधे लेखपाल से मिल सकते हैं।
Q. अगर लेखपाल का नंबर ऑनलाइन न मिले, तो क्या करें?
A. यदि ऑनलाइन नंबर न मिले तो परेशान होने की ज़रूरत नहीं है। आप सीधे अपनी तहसील में जाकर एक लिखित आवेदन (Written Application) दें। फोन कॉल के मुकाबले लिखित एप्लीकेशन ज्यादा पावरफुल होती है, और आवेदन देते समय उसकी रसीद (Acknowledgment) जरूर लें।
Q. ‘तहसील दिवस’ (सम्पूर्ण समाधान दिवस) क्या होता है और यह कब होता है?
A. यह हर महीने तय दिनों पर आयोजित होने वाला एक विशेष दिन होता है, जिसमें क्षेत्र के सभी लेखपाल और बड़े प्रशासनिक अधिकारी एक ही छत के नीचे (तहसील में) मौजूद रहते हैं। आप अपनी तहसील की तय तारीख tehsildivas.up.nic.in पर जाकर देख सकते हैं।
Q. अगर लेखपाल काम न करे या परेशान करे, तो उसकी शिकायत कहाँ करें?
A. आप उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक जनसुनवाई पोर्टल (jansunwai.up.nic.in) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं, या फिर सीधे सीएम हेल्पलाइन नंबर 1076 पर 24×7 मुफ्त कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
Q. एसडीएम (SDM) या तहसीलदार (Tehsildar) का आधिकारिक नंबर कहाँ मिलेगा?
A. अधिकारियों के CUG (कॉल) नंबर आपको संबंधित जिले की आधिकारिक वेबसाइट पर “Tehsil Telephone Directory” या “Directory” सेक्शन के अंदर आसानी से मिल जाएंगे।
Official Resources
| Resource | कहाँ मिलेगा |
|---|---|
| District-wise Lekhpal List | [district].nic.in → Notices |
| Lucknow Lekhpal Directory | lucknowbhulekh.in/MasterData/LekhpalByTehsil |
| Tehsil Divas Status | tehsildivas.up.nic.in |
| Complaint | jansunwai.up.nic.in |
| CM Helpline | 1076 |
लेखपाल फोन नहीं उठा रहा या काम लटका रहा है? — जानिए आगे क्या करें!
अगर आपको अपने इलाके के लेखपाल का मोबाइल नंबर मिल भी गया है, लेकिन वे आपका फोन नहीं उठा रहे हैं, WhatsApp मैसेज का जवाब नहीं दे रहे हैं, या जानबूझकर आपका काम अटका रहे हैं, तो निराश होने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है।
व्यवस्था में हर अधिकारी के ऊपर उसका सीनियर अधिकारी बैठा होता है। लेखपाल के काम न करने पर आप इन 4 आसान और कानूनी चरणों (Steps) का पालन कर सकते हैं:
Step 1 — कानूनगो (Kanungo / Revenue Inspector) से शिकायत करें
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कौन हैं ये? कानूनगो, लेखपाल के ठीक ऊपर के अधिकारी (Supervisor) होते हैं। एक कानूनगो के अंडर करीब 8 से 10 लेखपाल आते हैं।
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क्या करें? अपनी समस्या लिखकर एक लिखित शिकायत (Written Application) सीधे अपने इलाके के कानूनगो को दें और उसकी प्राप्ति (Acknowledgment) ले लें। कानूनगो तुरंत संबंधित लेखपाल को बुलाकर काम करने के निर्देश दे देते हैं।
Step 2 — नायब तहसीलदार (Naib Tehsildar) या तहसीलदार को बताएं
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अगर कानूनगो स्तर पर भी आपकी बात नहीं सुनी जाती है या मामला ज़्यादा गंभीर है, तो आप सीधे नायब तहसीलदार या तहसीलदार के पास जा सकते हैं।
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एक लिखित प्रार्थना पत्र देकर अपनी शिकायत दर्ज करवाएं कि लेखपाल बिना किसी वैध कारण के आपका काम रोक रहा है। तहसील स्तर के अधिकारियों का शिकंजा कसते ही लेखपाल तुरंत हरकत में आ जाते हैं।
Step 3 — जनसुनवाई पोर्टल (IGRS UP) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें
अगर तहसील स्तर पर सुनवाई नहीं हो रही है, तो आप घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल का इस्तेमाल कर सकते हैं:
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पोर्टल: jansunwai.up.nic.in पर जाएं (जिसे सीएम हेल्पलाइन पोर्टल भी कहा जाता है)।
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फायदा: यहाँ अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करने पर एक निश्चित ट्रैकिंग नंबर मिलता है। नियमों के तहत अमूमन 30 दिन के भीतर संबंधित विभाग को इस पर कार्रवाई करके रिपोर्ट देनी होती है।
Step 4 — सीधे सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline 1076) पर कॉल करें
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अगर बाकी सभी रास्ते बंद हो जाएं, तो आपके पास सबसे बड़ा हथियार CM Helpline 1076 है।
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आप अपने फोन से कभी भी 1076 डायल करके सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह सेवा 24×7 बिल्कुल मुफ्त है।
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इस नंबर पर शिकायत दर्ज होते ही मामला सीधे लखनऊ स्तर से मॉनिटर होने लगता है और स्थानीय अधिकारियों पर दबाव बन जाता है, जिसके बाद लेखपाल या तहसील प्रशासन खुद आपको फोन करके आपका काम करवाएगा।
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